bahushalini

I am with this blog because, i want to update or share the news related to any as a personnel, bollywood and business etc.

Sunday, February 10, 2008

टेंशन है, पानी में रिलैक्स कीजिए

स्टेस भगाने के लिए लोग तमाम तरह के उपाय करते हैं। योगा और लाफ्टर क्लब जॉइन करने के अलावा भी तमाम तरह के उपायों का सहारा लिया जाता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च का कहना है कि अगर नमकीन पानी से भरे टैंक में रिलैक्स किया जाए, तो स्टेस से निजात पाई जा सकती है। इस रिसर्च को अंजाम दिया गया कार्ल्सटेड यूनिवर्सिटी के ह्यूमन परफॉरमेंस लेबोरेटरी में। साइकॉलजी में डॉक्टरेट वेनेक बुड के चार साल के परिश्रम का नतीजा इस रिसर्च में सामने आया। इन चार सालों के दौरान बुड ने लगभग डेढ़ सौ लोगों पर अध्ययन किया। ये सभी लोग लंबे समय से स्ट्रेस से संबंधित परेशानियों से गुजर रहे थे। इस रिसर्च ने पहले से ही मौजूद इस थ्योरी को भी सच पाया, जिसके अनुसार ज्यादा सोने वाला आदमी ज्यादा आशावादी होता है। रिसर्च के दौरान दर्द और स्टेस रिलेटेड डिसॉर्डर के ट्रीटमेंट से संबंधित उन चार अध्ययनों को भी परखा गया, जो फ्लोटिंग टैंक से जुड़े हुए थे। स्टडी के दौरान उस ग्रुप के हेल्थ पर कोई असर नहीं पाया गया, जिसे फ्लोटिंग टैंक से दूर रखा गया था। सात हफ्ते के इलाज के बाद स्टडी में शामिल डेढ़ सौ लोगों में से 22 प्रतिशत लोगों ने पाया कि दर्द से वे पूरी तरह से छुट्टी पा चुके हैं, जबकि 56 ने पाया कि उनके दर्द में काफी सुधार आया है। उनमें से 19 प्रतिशत लोगों ने कोई भी चेंज महसूस नहीं किया, तो तीन प्रतिशत ने इसे बेकार ट्रीटमेंट बताया। अपनी रिसर्च के बाद बुड का कहना है कि फ्लोटिंग टैंक्स में रिलैक्स कर लोग लॉन्ग टर्म फाइब्रोमैलगिया, डिप्रेशन और एन्कसाइटी जैसे रोग दूर कर सकते हैं। शोध के दौरान ऐसे लोग महज 12 ट्रीटमेंट में ही ठीक हो गए। दरअसल, शांत व गर्म फ्लोटिंग टैंक में वैटलेसनेस की स्थिति में रिलैक्स करने से बॉडी के सारे सिस्टम्स एक्टिवेट होते हैं और इससे शरीर बेहतर तरीके से खुद को स्वस्थ रख पाता है। बुड कहते हैं, 'जैसे जैसे ब्लड प्रेशर कम होता जाता है, स्टेस हॉर्मोन भी कम होते जाते हैं। स्टेस हॉर्मोन के कम होने से पुराने से पुराना दर्द भी खुद बद खुद खत्म होने लगता है। वैसे, हमने यह भी पाया कि फ्लोटिंग टैंक ट्रीटमेंट और ट्रेडिशनल थेरेपी का कॉम्बिनेशन बेहतर रिजल्ट दे सकता है। अब हम लोग कैपिलरीज में ब्लड सर्कुलेशन, ब्लड में ऑक्सीजन अपटेक और बॉडी के रीप्लेक्सेज कैसे प्रभावित होते हैं, इन पर रिसर्च करने वाले हैं।'

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home